Gramin Bank Merger (RRB amalgamation)-34 ग्रामीण बैंक ही अब होगें देश में !


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ग्रामीण बैंको की संख्या होगी 56 से 34

पेंशन समानता के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही सरकार ने चुपचाप ग्रामीण बैंकों की मजबूती की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाने का फैसला ले लिया है.  इस फैसले के अमल में आने के बाद  ग्रामीण बैंकों की मौजूदा संख्या 56 से घट कर मात्र 34 रह जायगी। इन 34 ग्रामीण बैंकों में 14 नये सृजित ग्रामीण बैंक होगें और शेष 23 पुराने बचे रहेगें। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा ग्रामीण बैंकों को प्रायोजित करने वाले सभी प्रायोजक बैंकों (बैंक आफ महाराष्ट्रा और जे.के.बैंक को छोड़ कर) को दिनांक 6 जून को भेजे गये पत्र में इस फैसले की जानकारी दी गयी है। पत्र में कहा गया है कि नाबार्ड द्वारा उपरोक्त प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा गया था। इसके पीछे उद्देश्य यह बताया गया है कि  इससे ग्रामीण बैंकों का खर्च घटेगा, तथा ग्रामीण बैंको में भी बैंकिंग की नयी-नयी तकनीकों का आगमन होगा. फैसले के और भी तमाम लाभ गिनाये गये हैं। पत्र में प्रायोजक बैंकों से यह भी अपेक्षा की गयी है कि वे अपनी सहमति जून माह तक प्रदान क्र देंगी. जिससे  जल्द से जल्द इस प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाया जा सके। पत्र के साथ जो सूची संलग्न की गयी है उसके अनुसार इन 21 राज्यों में  राज्य स्तरीय ग्रामीण बैंक की स्थापना हो जायेगी. जिसकी मांग ग्रामीण बैंक से जुडी युनियने लम्बे समय से कर रही थीं । असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा ,हिमाचल ,झारखण्ड, कर्नाटका, केरला, ओडीसा, पंजाब  तमिलनाडु , तेलंगाना, उत्तराखंड, त्रिपुरा,अरूणाचल प्रदेश,  मणिपुर ,मेघालया, मिजोरम, नागालैण्ड तथा पाण्डिचेरी ऐसे राज्य होंगे जंहा पर राज्य स्तरीय ग्रामीण बैंक प्रचलन में आजायेगें। इसी के साथ  निम्न 7 राज्य ऐसे होगें जंहा पर एक से अधिक ग्रामीण बैंक बने रहेगें इनमें उत्तर प्रदेश में 3 ग्रामीण बैंक, पश्चिम बंगाल में पहले से चल रहे 3 ग्रामीण बैंक यथावत  रहेंगें, मध्य प्रदेश में 2 ग्रामीण बैंक, महाराष्ट्र में 2, राजस्थान में 2 तथा जम्मू काश्मीर में भी दो ग्रामीण बैंक बचे रहेंगें। अगर प्रायोजक बैंक के अनुसार देखा जाय तो  भारतीय स्टेट बैंक सबसे बड़ा प्रायोजक  बैंक होगा. जिसे  34 ग्रामीण बैंकों में से 14  का दायित्व दिया जाएगा. इनमें उत्तराख्ंड ग्रामीण बैंक , तेलंगाना ग्रामीण बैंक ,मरुधरा ग्रामीण बैंक, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, अरूणाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक, इलाकाई ग्रामीण बैंक, मेघालया ग्रामीण बैंक, मिजोरम ग्रामीण बैंक, नागालैण्ड ग्रामीण बैंक, मध्यांचल ग्रामीण बैंक के  अलावा गुजरात की तीनो ग्रामीण बैंकों को मिला कर एक ग्रामीण बैंक बनेगा , असम की  दो ग्रामीण बैंको को मिला कर असम में एक राज्य स्तरीय ग्रामीण बैंक का गठन किया जाएगा,  ओडीसा  में उत्कल ग्रामीण बैंक तथा ओडीसा ग्रामीण बैंक को को मिला कर एक राज्य स्तरीय ग्रामीण बैंक स्थापित किया जाएग । बैंक आफ इण्डिया के पास 3 ग्रामीण बैंक नर्मदा झाबुआ, आर्यावर्त और विदर्भ कोंकण होगी । बैंक आफ बड़ौदा के पास मात्र दो  बड़ौदा राजस्थान और बड़ौदा यूपी ही होगी। सेण्ट्रल बैंक के पास दो उत्तर बिहार और उत्तरबंगा होगे। केनरा बैंक के पास भी केरला ग्रामीण बैंक और प्रगति कृष्णा ग्रामीण बैंक होगें। इण्डियन बैंक के  पास 3 जिनमें सप्तगिरी, पल्लवन, पाण्डियन, पुदवई भर्तिहरि ग्रामीण  बैंक ,पंजाब नेशनल बैंक के पास सर्ब हरियाणा, पंजाब की तीनों ग्रामीण बैंकों का एकीकृत स्वरूप, हिमाचल ग्रामीण बैंक तथा मध्य बिहार और बिहार ग्रामीण बैंक का एकीकृत स्वरूप होगा।

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फैसले के खिलाफ यूनियनों को उकसाने की नाकाम कोशिश

भारत सरकार द्वारा ग्रामीण  बैंकों के तीसरे चरण के विलय  को  हरी झण्डी दिये जाने के बाद कुछ ग्रामीण बैंकों के चेयरमैनों ने इसकी मुखालफत के लिए यूनियनों को उकसाने की कोशिश की एक ग्रामीण बैंक में तो ग्रामीण बैंक अधि्ाकारियों और कर्मचारियों से हस्ताक्षर अभियान की मुहिम चलाने को कहा गया। लेकिन अमलगमेशन के खिलाफ कोई भी मुहिम कारगर नही हो पा रही है।

ग्रामीण बैंको की स्थिति:
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OWNERSHIP RATIO WISE OF GRAMIN BANKS
ग्रामीण बैंक देश के 643 जिलों में फैले हैं, इनमे केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत, राज्य सरकार की 15 प्रतिशत तथा प्रयोजक बैंक की हिस्स्सेदारी 35 प्रतिशत होती है. ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था काफी हद तक ग्रामीण बैंको पर ही निर्भर करती है. इसीलिए इनका महत्व समझते हुए सरकार और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है. मर्जर भी इसी प्रक्रिया का एक हिस्सा है.

राज्य सरकारों की एनओसी का मामलाः

सरकार ने जो फैसला लिया है, उसके अनुसार सितम्बर माह तक उपरोक्त प्रस्ताव में अनुसार सभी ग्रामीण बैंको का विलय हो जाना चाहिए. परन्तु राज्य सरकारों के मौजूदा रवैये से यह समय सीमा पर्याप्त नही लगती ।  अभी भी अधिसंख्य राज्यों की एनओसी सरकार को प्राप्त होनी है। बंगाल और जम्मू काश्मीर को भी इसमें शामिल करने के लिए ग्रामीण बैंको की सबसे बड़ी यूनियन अरेबिया द्वारा वित्त मंत्रालय के अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। साथ ही मध्य प्रदेश में सबसे खराब माली हालात वाले मध्यांचल ग्रामीण बैंक को अलहदा बनाये रखने के खिलाफ अरेबिया ने पत्र  लिखा और 19 जुलाई को संयुक्त सचिव और वित्त राज्यमंत्री से मुलाकात भी की है। सूत्रों का कहना है कि अब ग्रामीण बैंकों में पेंशन के कारण पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने के लिए सरकार ने कास्ट कटिंग फोर्मुले के तहत विलय उक्त विलय को मंजूरी दी है.

- न्याय-यात्रा
 शिव करन द्विवेदी
 राष्ट्रिय महासचिव
 NFRRBE
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8 comments

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Unknown
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August 24, 2018 at 8:47 AM ×

Thanks AIRRBEA, Thanks DADA.

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Unknown
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August 26, 2018 at 4:33 AM ×

गामीण बैंक में सफाई का कार्य कर रहे उन व्यक्तियों के लिऐ आप लोग कुछ नही कर रहे

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August 27, 2018 at 10:09 PM ×

When amalgamation process complete sir ge

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August 28, 2018 at 7:24 AM ×

Chhattisgarh RAJYA Gramin Bank aur Madhyanchal Gramin Bank ko merge kr Dena cahiye Dono Bank sbi sponcerd bhi h

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