बैंक कर्मियों की नई टेंशन बन सकता है, vishwakarma khata- "विश्वकर्मा खाता" मोदी सरकार खोलेगी 50 करोड़ खाते..

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 मोदी सरकार की नई "विश्वकर्मा सोशल सिक्योरिटी स्कीम" बैंक कर्मियों के लिए "नई टेंशन" बन सकती हैमोदी सरकार अपनी इस नई "यूनिवर्सल सोशल सिक्योरिटी स्कीम" के तहत प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले 50 करोड़ लोगों के सोशल सिक्योरिटी खाते खोलेगी। जिसे सरकार ने, "विश्वकर्मा सोशल सिक्योरिटी स्कीम" नाम दिया है. इस "विश्वकर्मा सोशल सिक्योरिटी स्कीम" के तहत, कार्मिको को पीएफ समेत कुल 10 तरह के फायदे मिलेंगे। यह योजना प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों के लिए नौकरी जाने के दौरान खुद व खुद एक फिक्स इनकम की गारंटी प्रदान करेगी। यानी सरकार "राइट टू फ़ूड" और "राइट टू एजुकेशन" की तरह ही "राइट टू नौकरी" जैसा बिल लाने की तैयारी कर रही है. पिछले दिनों संसद में, "श्रम एवं रोजगार मंत्री" संतोष गंगवार ने बताया था, कि सरकार इस बिल का मसौदा तैयार कर चुकी हैअगले महीने तक इस पर चर्चा शुरू होने की पूरी सम्भावना है. सरकार इस "विश्वकर्मा सोशल सिक्योरिटी स्कीम" के तहत हर वर्कर का खाता खोलना चाहती हैअगर सरकार को सभी वर्कर्स को इस योजना से जोड़ना हैतो उसे कम से कम 50 करोड़ "विश्वकर्मा खातें" खोलने होंगे.
कितना बड़ा है यह टास्क..


  यह टास्क कितना बड़ा है इसे इस बात से समझा जा सकता हैकी सरकार की फ्लैगशिप  "प्रधानमंत्री जन धन योजना"
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के तहत भी 1 अगस्त 2018 तक सिर्फ 32.25 करोड़ खाते ही खोले जा सकें हैंयहाँ ध्यान देने वाली बात यह भी है की जन धन योजना पिछले चार सालों से चल रही है. चिंता की बात यह  भी हैकी सरकार 2019 के आम चुनाव को ध्यान में रखते हुएइसे 2019 से पहले पूरा करना चाहेंगीतो इसका सबसे बड़ा बोझ सरकारी बैंकर्स के ऊपर ही पड़ने की पूरी उम्मीद है. अगर यह स्कीम भी बैंकर्स के भरोसे चली तो बैंकर्स को एक बार फिर से भारी दबाव का सामना करना पड़ेगा। 

कैसे खुलेगा खाता...
  
  अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार विश्कर्मा खाता खुलवाले की जिम्मेदारी उस संस्थान या कंपनी की होगी जिस संस्था या कंपनी में वर्कर काम करता हैअगर संस्था की तरफ से कार्मिक का खाता नहीं खुलवाया जाता हैतो कार्मिक खुद भी अपना खाता खुलवा सकेगा। यह खाता "मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी" की तर्ज पर पोर्टेबल होगा,  अगर कार्मिक या वर्कर का वर्क-स्थान जाए, या कार्मिक एक कंपनी से दूसरी कंपनी में चला जाए तो कार्मिक दुबारा यह खाता खुलवाने की जरूरत नहीं होगीबल्कि कार्मिक के ट्रांसफर, वर्क स्थान या कंपनी बदलने पर, खाता भी उसी जगह ट्रांसफर किया जा सकेगा। 


कौन-कौन होगा पात्र 

  लगभग सभी भारतीय वर्कर्स सरकार की नई, "विश्वकर्मा सोशल सिक्योरिटी स्कीम" के दायरे में होंगे। इसमें सभी तरह के प्राइवेट वर्कर्स को शामिल किया जायेगा। प्राइवेट वर्कर्स के लिए यह खाता उसकी संस्था  द्वारा खोला जाएगा।अगर कोई संस्था या कंपनी अपनी ओर से वर्कर् का यह खाता खुद नहीं खुलवाती हैतो वर्कर खुद भी इस खाते को खुलवा सकेगा। प्राइवेट वर्कर्स के अलाबा वो लोग भी इस "विश्वकर्मा सोशल सिक्योरिटी स्कीम" के  दायरे में आयेंगेजो अपना खुद का छोटा-मोटा  बिज़नेस करते हैंजैसे की परचून की दुकान चलाने वाले छोटे व्यापारीनाईहलवाईसब्जी विक्रेताछोटे-कारखाने चलाने वाले छोटे उद्यमी आदि सभी इस योजना के दायरे में होंगे। इन सभी लोगो को यह खाता खुद ही खुलवाना होगा। 
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क्या क्या होंगे फायदे 
  
  यह खाता "राइट टू एजुकेशन" और "राइट टू फ़ूड" की तर्ज पर होगाइसके तहत सरकार हर वर्कर के लिए  मिनिमम सैलरी का इंतजाम करेगीअगर किसी वर्कर की नौकरी चली जाएया वो बेरोजगार हो जाए तो उसे अपना घर कैसे चलेगा इसकी परवाह नहीं करनी होगीक्योकि उसकी बेरोजगारी के दौरान "विश्वकर्मा सोशल सिक्योरिटी स्कीम" के जरिये उसे कुछ न कुछ रकम जरूर मिलती रहेगी। जिससे उसके सामने पेट भरने का संकट खड़ा नहीं होगा। यह ठीक बैसे ही होगा जैसे उत्तर प्रदेश में पिछली सरकार के दौरान "बेरोजगारी भत्ता" दिया जाता था. यह भत्ता कार्मिक को उस समय के लिए दिया जाएगा जितने समय के लिए कार्मिक बेरोजगार रहेगा. कार्मिक को दुबारा नौकरी मिलते ही "विश्वकर्मा सोशल सिक्योरिटी स्कीम" के तहत मिलने वाली यह रकम स्वत ही बंद हो जायेगी. यह एक तरह से प्राइवेट वर्कर्स को नौकरी जाने के उस तनाव से बचाएगाजो हर प्राइवेट वर्कर के सर पर हर समय रहता है. हालाँकि अभी यह तय नहीं है, सरकार इस योजना के तहत कितनी रकम देगी। लेकिन फिर भी उम्मीद है यह रकम इतनी जरूर होगी की एक छोटी फैमली के बेसिक खर्चे पूरे हो जाएं।

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कुल 10 तरह फायदे 

  इस योजना के तहत कुल दस तरह की सोशल सिक्योरिटी प्रदान की जायँगीजैसे प्रोविडेंट फण्डमैटरनिटी बेनिफिटसिकनेस बेनिफिटबीमामेडिकलबेरोजगारी भत्ताइंटरनेशनल वर्कर्स पेंशन बेनिफिट आदि कुल 10 तरह की फैदे मिलेंगे । वर्तमान समय में प्रोविडेंट फण्ड(PF) की सुविधा सिर्फ संगठित क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को मिलती हैलेकिन इस "विश्वकर्मा सोशल सिक्योरिटी स्कीम"  के लागू होने के बाद संगठित और असंगठित क्षेत्र के सभी कार्मिक PF के दायरे में आ जाएंगे। जो कुल मिलकर 50 करोड़ के आस पास है. 

क्या है असंगठित क्षेत्र..???
  विकिपीडिया के अनुसार असंगठित क्षेत्र वह क्षेत्र हैजो बिजली का उपयोग नहीं करता और 20 से कम लोगों को रोजगार देता हैं, इस क्षेत्र के बारें में कोई आधिकारिक आकड़े उपलब्ध नहीं है, लेकिन भारत में ऐसा माना जाता है की भारत में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगो की संख्या बहुतअधिक है, इस क्षेत्र में बहुत सारे बच्चे काम करतें हैऔर यहाँ इनका भारी शोषण होता है.

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कितना करना होगा कंट्रीब्यूशन 
    
  सरकार अपनी नई  विश्कर्मा योजना के तहत के कार्मिको को उनकी सैलरी के हिसाब से हिसाब से अलग अलग कैटेगरी में बाँटेंगीइनमे से जो कम सैलरी वाले वर्कर होंगे उन्हें इस योजना के तहत कोई भी कंट्रीब्यूशन नहीं करना पड़ेगालेकिन जो वर्कर अच्छी सैलरी वाले होंगे उन्हें इस स्कीम का फ़ायदा लेने ले लिए हर महीने एक फिक्स रकम इस खाते में जमा करनी होगी। जो उनको मिलने वाली सैलरी के अनुपात में होगी। अभी तक प्राप्त जानकारी के हिसाब से यह रकम उनकी कुल सैलरी के 1/5 भाग के बराबर है. 


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33 comments

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Unknown
admin
August 10, 2018 at 6:45 AM ×

रोहित जी सर्वप्रथम मैं आपको इस पोर्टल को शुरू करने के लिए आपको साधुवाद देना चाहता हूं।
वास्तव में किसी भी सरकार द्वारा इस तरह की योजनाओं को शुरू किया जाना एक तरह से बहुत ही अच्छा कदम है और निश्चित रूप से यह कदम असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए एक बहुत अच्छी शुरुआत है और उनके शोषण में कमी आएगी।
अब रही बैंकों और बैंककर्मियों पर निश्चित रूप से दबाव बढ़ेगा लेकिन इसके लिए सरकार से अधिक जिम्मेदारी हमारे संगठनों और बैंक के उच्च प्रबन्धन की है सरकार यदि बैंक के प्रबंधन से अपेक्षा करती है कि बैंक पेशेवर तरीके से कार्य करें तो प्रबन्धन को ऐसी कोई योजना का कार्यान्वयन करने से पहले सरकार से इस कार्य के लिए बाकायदा बात करनी चाहिए कि इस कार्य के प्रतिफल में बैंक को क्या मिलेगा और संगठनों को भी इस अवसर का लाभ उठाने के लिए प्रबंधन पर अपने वेतन वृद्धि के लिए दबाव बनाए।

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August 10, 2018 at 9:45 AM ×

मैं इस विषय में यही कहना चाहता हूँ की सरकार को अलग से नया बैंक एकाउंट खोलने की जगह , लोगों के पहले से खुले एकाउंट को विश्वकर्मा स्कीम के लिए परिवर्तित कर देना चाहिए। इससे बैंक कर्मियों को ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ेगा।

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Unknown
admin
August 10, 2018 at 10:44 AM ×

Usme kya hai, abhi 9pm tak kaam karte hn, ab 11pm tak kaam karenge...
Banker ka janm hi hua modi ki योजनाओं ko amli jama pehnane ke liye..
Sarkar ko sharm aani chahiye .

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Unknown
admin
August 10, 2018 at 1:11 PM ×

Bnk walo ki hi maaro... Salary badhane ke naam pe naani marti h ✊✊

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Unknown
admin
August 10, 2018 at 6:51 PM ×

यदि विश्वकर्मा योजना आती है तो सरकार को पुर्व मे खुले हुये खाते को ही विश्वकर्मा योजना मे बदलना चाहिए जिससे समय और संसाधन की बचत होगी।

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Bipartite
admin
August 10, 2018 at 7:20 PM ×

Acha hai....bank employees k liye Sahi mauka hai to put the demands forward else the employee unions should take firm steps to ensure that the scheme may only be implemented once the demands are met.

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Priya Ranjan
admin
August 10, 2018 at 10:01 PM ×

We are not afraid of doing this job but our concerns must also be come into mind.We can imagine gathering,work loads,pressure ,targets and leave related issues likely to be come. So measures like monetary incentives,hike in wages and allowances,perks must be arranged.

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Unknown
admin
August 10, 2018 at 10:34 PM ×

Yes....This is the opportunity

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Unknown
admin
August 10, 2018 at 11:20 PM ×

Correct,But what about our right?

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admin
August 10, 2018 at 11:53 PM ×

Pahle salery revision per bat karo phir apni yojna ko hamare uper dhopo

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admin
August 10, 2018 at 11:54 PM ×

Pahle salery revision per bat karo phir apni yojna ko hamare uper dhopo

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Unknown
admin
August 11, 2018 at 1:18 AM ×

Pehle wage revision

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Unknown
admin
August 11, 2018 at 1:27 AM ×

It should be one person one account may be vishwakarma or pmjdy or bsbda etc.liked with adhaar.all facility or subsection or subsidy or bima should be attached to that account only.

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Unknown
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August 11, 2018 at 3:02 AM ×

जो खाते पहले से खुले हुये हैं उनको ंंनये खाते खुलवांंने की जरुरत नहीं है ।ंंमगर इसके लिये और अधिक मानव संसाधन की जरूरत होगी।

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August 11, 2018 at 6:16 AM ×

http://www.rrbnews.in/2018/08/CASA-BANKING-PSUB-SBI-RRB-NEWS-LOSS-FINANCIAL-YEAR-2018-19.html

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admin
August 11, 2018 at 7:10 AM ×

Pahale salary revision

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admin
August 11, 2018 at 9:03 AM ×

All bankers are ready for doing every things but Govt. not under stand bankers situation & wage revision matters withitout strik

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admin
August 11, 2018 at 9:14 AM ×

घर परिवार छोड़ो, विश्वकर्मा खाता खोलो ।

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Unknown
admin
August 11, 2018 at 10:44 AM ×

The expectation from bankers is very high.but wage revision of bankers is being avoided/ delayed .

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Unknown
admin
August 11, 2018 at 10:46 AM ×

The expectation from bankers is very high.but wage revision of bankers is being avoided/ delayed .

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Unknown
admin
August 11, 2018 at 10:55 AM ×

2 vakt ki roti chod k.1 vakt ka khana khao Bank me ac khulwao.
Modi g k gun gaao.

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admin
August 11, 2018 at 9:54 PM ×

Good scheme. Bankers will ready to open accounts in the schemes. But govt. Should fulfill the demands of bank employees including wage revision.

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Unknown
admin
August 12, 2018 at 12:10 AM ×

पहले पे रिवीजन करो।काम के घंटे तय करो।मैन पावर बढाओ। फिर जो चाहो करो। बैंकर के साथ अन्याय मत करो।हम अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं हमारी कमर मत तोडो।

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August 12, 2018 at 1:32 AM ×

Why government need separate account. Most of the person have already opened their account. If government insist on opening of new account for the purpose it will be a totally futile exercise.

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Niraj Kumar
admin
August 12, 2018 at 5:02 AM ×

सही है भैया इतने प्रकार के खाते अभी तक खुल चुका है की जनता तो परेशान है ही बैंक कर्मी भी अतः सरकार का चाहिए कि जो खाता जनता के पास है वही खाता विश्वकर्मा खाता रहे��

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August 12, 2018 at 8:45 AM ×

This is very good initiative by govt. But preparation time is must.

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Unknown
admin
August 13, 2018 at 11:53 PM ×

Welcome the scheme declared by PM Modiji for unorganized people.
While implementing the scheme Government should support the banks by reducing back office workloads.
The workload is to be divided in to two parts parts i.e. Pre Account opening exercise and account opening exercise
First Pre Account opening exercise is to be done through government officials Gramsevak Talhati BDO Tahsildar (Grampanchayat Panchaysamiti & Tahsil Offices) All the data collection documentation identification and Account Opening Forms with KYC Verification & Certification done by Government Officials & submit dully listed to Branch Office where the Account is to be open.
Second The Bank Branch Officials will scrutinize the details and verify the Account Opening Forms & KYC documents with Originals & Interview with Customers. After satisfying all the things the form sent for account opening.
It will reduce the bank workload and proper involvement of government departments to success the dream project of PM Modiji well in time with the help of all banks.

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Unknown
admin
October 19, 2018 at 8:56 PM ×

Welcome the scheme declared by PM Modiji for unorganized people.
While implementing the scheme Government should support the banks by reducing back office workloads.
The workload is to be divided in to two parts parts i.e. Pre Account opening exercise and account opening exercise
First Pre Account opening exercise is to be done through government officials Gramsevak Talhati BDO Tahsildar (Grampanchayat Panchaysamiti & Tahsil Offices) All the data collection documentation identification and Account Opening Forms with KYC Verification & Certification done by Government Officials & submit dully listed to Branch Office where the Account is to be open.
Second The Bank Branch Officials will scrutinize the details and verify the Account Opening Forms & KYC documents with Originals & Interview with Customers. After satisfying all the things the form sent for account opening.
It will reduce the bank workload and proper involvement of government departments to success the dream project of PM Modiji well in time with the help of all banks.

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