Six Lakh Looted In Gramin Bank Pratapgarh-दिनदहाड़े बैंक में घुसें बदमाश, स्टाफ को बंधक बनाया और 6 लाख लूट के फरार हो गये.


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आज शुक्रवार को दिन में 12 बजे एक बार फिर Baroda UP Gramin Bank को बदमाशों ने निशाना बनाया. इस बार बदमाशों ने Baroda UP Gramin Bank की प्रतापगढ़ जिले की जगेसरगंज बाज़ार स्थित शाखा को निशाना बनाया है. प्रत्यक्ष दर्शियो के मुताबिक 6 बदमाश दो बाइक पर सवार होकर ब्रांच पहुचे, दो बदमाश बैंक के बाहर पहरा देने लगे, जबकि शेष चार बदमाश ब्रांच के अन्दर घुस गये. और बैंक मेनेजर तथा कैशिएर को तमंचे की नोक पर बंधक बना लिया. तथा उनसे स्ट्रांग रूम की चाबी मांगने लगे. जब बैंक स्टाफ ने स्ट्रांग रूम की चाबी देने से इंकार किया तब बदमाशों ने कैशिएर को बुरी तरह से पीटा और चाबियाँ छीनकर स्ट्रांग रूम में रखी 6 लाख से अधिक की नकदी लेकर फरार हो गये. दिनदहाड़े हुई लूट की  इस बारदात से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. बैंक व पुलिस प्रशासन से जुड़े आला अधिकारी मौके पर पहुच गये, पुलिस अधीक्षक देव रंजन भी तत्काल मौके पर पहुचे और ताफ्दिश शुरू की , लेकिन अभी तक बदमाशों का कोई अता-पता नहीं चल सका है.
बदमाशों के हौसले का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, की जिस वक्त बदमाशों ने लूट की इस घटना को अंजाम दिया है, उसी वक़्त उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या जिले के दौरे पर थे. पूरा पुलिस महकमा उनकी अगुआई में लगा था. इसी बीच बदमाशों ने बैंक पर धावा बोल दिया और बैंक के स्ट्रांग रूम में रखी 4 लाख 68 हज़ार नकदी तथा 1 लाख से अधिक जमा राशि को लूट लिया. घटना बिल्कुल उसी अंदाज में हुई है, जैसे सुल्तानपुर स्थित Baroda UP Gramin Bank की लम्भुआ स्थित हरिहरपुर शाखा  को लूटा गया था.
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मंगलवार को लूटी थी सुल्तानपुर स्थित Baroda UP Gramin Bank की हरिहरपुर शाखा.
मंगलवार 11 बजे सुल्तानपुर स्थित हरिहरपुर शाखा पर 5 बदमाश दो tvs अपाचे बाइक पर सवार होकर पहुचे थे. उस समय बैंक में ग्राहक भी मौजूद थे. तमंचो से लैस पाँच बदमाश फ़िल्मी अंदाज में बैंक में घुसे, और दो बदमाशों ने बैंक मैनेजर और कैशिएर को तमंचे के दम पर बंधक बना लिया. तथा शेष तीन बदमाशों ने बैंक में मौजूद भीड़ को बंधक बनाया. उसके बाद बदमाशो ने स्ट्रांग रूम की चाबियाँ लेकर स्ट्रांग रूम में रखे आठ लाख अड़तालीस हज़ार चार सौ तीस रुपये लूट लिए. और वहाँ से फरार हो गये.  इस दौरान बदमाशों ने दहशत फ़ैलाने के लिए बैंक कर्मचारियों व ग्राहकों के साथ मारपीट भी की थी. तथा बैंक स्टाफ के मोबाइल भी छीन लिए थे.

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लगातार बदमाशों के निशानें पर Baroda UP Gramin Bank

आपको बता दें, Baroda UP Gramin Bank लगातार बदमाशों के निशानें पर है, अभी हाल ही में कानपुर में बदमाशों का कहर Baroda UP Gramin Bank की ही नौबस्ता हंसपुरम शाखा पर टूटा था. 
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दिन में दो बजे तीन नकाबपोश बदमाश बैंक में घुसे और ताबड़तोड़ पाँच बम फोड़कर और फायरिंग करते हुए कैश काउंटर को लूट लिया था. उस घटना में बैंक कर्मियों समेत 6 लोग गंभीर रूप घायल हुए थे. सुल्तानपुर की घटना से पहले भी सोमवार को इलाहबाद बैंक ज्ञानीपुर शाखा के उप-प्रबंधक व चालक को गोलियों का निशाना बनाकर कैश वैन लूटने की कोशिश हुई थी. जिससे सभी बैंक कर्मियों में दहशत का माहौल है. कानपुर से शुरू हुआ यह सिलसिला रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है. बैंक के स्टाफ में भय का माहौल है. प्रबंधन भी रोज रोज नए नए दिशा-निर्देश जारी करके अपने स्टाफ को जागरूक कर रहा है. लेकिन दिनदहाड़े हो रही ऐसी घटनाओं ने पुलिस प्रशासन पर सवालिया निशान जरुर लगा दिया है. पुलिस लाख दावे करें लेकिन बदमाशों के हौसलें किस कदर बढे हुए है हैं. इसका अंदाजा दिन दहाड़े हो रही ऐसी घटनाओं से लगाया जा सकता है.
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बैंक प्रबन्धन को भी अतिरिक्त कदम उठाने की जरूरत

लगातार दिनदहाड़े हो रहीं, लूट की इन बारदातों से यह साबित हो गया है, की Baroda UP Gramin Bank लगातार बदमाशों के निशाने पर है. बैंक में गार्ड का ना होना बदमाशों के हौसले बुलंद कर रहा है. 
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बदमाशों को ग्रामीण बैंको को निशाना बनाना आसान होता है. एक तो यह बैंक ग्रामीण इलाकों में होतें हैं, दुसरे इनमे कोई सुरक्षा गार्ड भी नहीं होते. अधिकतर बैंको में स्टाफ भी 2 या 3 ही होता है. ऐसे में बदमाशों के लिए ग्रामीण बैंक सॉफ्ट टारगेट बन रहें हैं. अगर कानपुर, सुल्तानपुर या प्रतापगढ़ की इन ब्रांचो में सुरक्षा गार्ड होते तो सायद बैंक पर धाबा बोलने की  बदमाशों की हिम्मत ही ना होती. अगर फिर भी बदमाश बैंक पर धाबा बोलने की हिम्मत करते तो बैंक को लूटने से बचाया जा सकता था. बैंक प्रबंधन को जल्द से जल्द इस बारे में फैसला करना होगा. क्योकि ग्रामीण बैंक पुलिस प्रशासन से भरोसे अब और नहीं बैठ सकते.  बैंक को अपने सीमित संसाधनों में से खुद अपनी सुरक्षा के लिए जल्द से जल्द कदम उठाने होंगे. अन्यथा ऐसी घटनाओं को रोक पाना संभव नहीं होगा.


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