GRAMIN BANK PENSION UPDATE- रिटायर और युवा साथी थोड़ा और धैर्य बनाये रखें- शिव करन द्वेवेदी राष्ट्रीय महासचिव NFRRBE


gramin bank gramin bank news rrb  news grameen bank grameen bank india rrb pension news rrb pension eligibility rrb pension case 2018 gramin bank pension all banking solutions rrb pension

रिटायर और युवा साथी थोड़ा और धैर्य बनाये रखें- शिव करन द्वेवेदी राष्ट्रीय  महासचिव NFRRBE

साथियों तमाम उतार चढ़ावों से भरा अरेबिया का पेंशन समानता संघ्ंर्ष का पहला पड़ा़व अक्टूबर माह में प्रथम सप्ताह तक पूरा होने की उम्मीद है। हमारे देश की सबसे बड़ी अदालत ने आज से 5 माह पूर्व पेंशन समानता पर ऐतिहासिक फैसला सुना कर सरकार को वर्ष 1993 की पेंशन स्कीम सभी ग्रामीण बैंकों में लागू करने के लिए मजबूर कर दिया है। शुरूआती के तीन महीने सरकार ने पेंशन में कांट छाट के उपायों में बिता दिये जब कोई भी रास्ता नही दिखा तो मजबूरन 7 अगस्त को बैंकिग डिवीजन ने नाबार्ड के पाले में पेशन की बाल फेंक दी। नाबार्ड ने 13 अगस्त को 12 प्रायोजक बैंकों, 4 ग्रामीण बैंक चेयरमेनों की मीटिंग बुलायी जिसमें बैंकिग डिवीजन के अधिकारियों ने वीडियों कांफ्रेसिंग से भाग लिया और आम सहमति से निर्णय लिया गया कि पेंशन कोष की स्थापना के पहले ही पेंशन भुगतान शुरू किया जाय दिनांक 1 सितम्बर 1987 से ले कर दिनांक 31 मार्च 2018 तक सेवा में रहे सभी कर्मचारियों को इस योजना में शामिल किया जायगा। बैंकिग डिवीजन ने इस मीटिंग के फैसले का पत्र भी सभी ग्रामीण बैंकों में दिनांक 16 अगस्त 2018 को भेज दिया। 


यह भी पढ़े..


सरकार के इस निर्णय से बैंकिग उद्योग में एक भूचाल सा आ गया। जंहा ग्रामीण बैंकों के अरेबिया को छोड़ कर सभी शीर्षस्थ संगठन हतप्रभ थे वहीं पर राष्ट्रीयकृत बैंकों में वर्ष 2010 के बाद में कर्मचारियों में संगठनों के प्रति बढ़ता हुआ आक्रोश कोई आकार ले पाता इसके पहले ही इस निर्णय को पलटने की साजिश शुरू हो गयी जिसमें कामर्शियल बैंकों के संगठन और बैंकों के बड़े अधिकारियों ने खासी भूमिका निभायी और अन्ततः सरकार ने 14 सितम्बर को नाबार्ड के साथ मीटिंग करके सामुहिक निर्णय को पटल दिया है। इसके बाद से ग्रामीण बैंकों में युवा साथियों में एक निराशा पैदा हो रही है।
साथियों अरेबिया की ओर से हम आपसभी को विश्वास दिलाना चाहते हैं कि कोई भी ऐसी परिस्थिति नही है कि नये साथी निराश हों। अरेबिया का दृढ़ विश्वास है कि नोटीफिकेशन की तिथि तक सभी को पुरानी पेंशन का लाभ मिलना सुनिश्चित है। सरकार का बदला हुआ निर्णय सुप्रीम कोर्ट में भरभरा कर ढ़ह जायगा। अरेबिया हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। पिछले दिनों जो हुआ है उससे हमें अपना दावा पेश करने में और भी मदद मिलेगी। युवा साथियों से विनम्र अपील है कि धैर्य बनाये रखें.


यह भी पढ़े.. 

कम्पयूटर इंक्रीमेण्ट पर सरकार चुप.

ग्रामीण बैंक कर्मियों ने 35 सालों के संघर्ष पर भी डाले। हमारा अनुभव यही कहता है कि आजतक सरकार ने हमें यदि न्याय दिया है तो बार बार सुप्रीमकोर्ट में गुहार के बाद। समान कार्य के लिए समान वेतन का सुप्रीमकोर्ट में केस, एन0आई0टी0अवार्ड मोहालिक कमेटी ग्रेच्युटी अनुकम्पा नियुक्ति ग्रेज्यूशन इंक्रीमेण्ट कम्पयूटर इंक्रीमेण्ट आदि पर सुप्रीम कोर्ट की दखल से इतिहास पटा पड़ा है । 25 अप्रैल के फैसले से वर्ष 1993 तक के साथियों को एक अतिरिक्त वेतन वृद्धि कम्पयूटर इंक्रीमेण्ट का लाभ भी मिलना है पर यहां भी सरकार चुप है। । इस संघर्ष के दूसरे चरण में जाने के लिए हमे प्रतीक्षा है भारत सरकार के पेंशन नोटीफिकेशन की क्योंकि इसी से पैदा होगा काज आफ एक्शन।

यह भी पढ़े.

एकजुटता ही हमारी ताकत.

सभी साथियों विशेष अनुरोध है कि संगठन को नये पुराने स्थायी अस्थायी अधिकारी और कर्मचारी जैसे सवालों में यदि हम उलझे तो सबकुछ खो बैठेंगें। सोशल मीडिया को अपने मन भी भड़ास निकालने का औजार बनाने वाले साथियों को अरेबिया के इतिहास से सीखना चाहिए। हमारी आजतक की उपलब्धि केवल और केवल एकता के बलबूते पर ही रही है। ऐसे लोग जो सरकार के एक निर्णय के बदलने पर उस अरेबिया को जी भर कर कोस रहे हैं जिसने यह एलान कर रखा है कि सभी को पेंशन दिलायी जायगी। ऐसे साथियों को अरेबिया की उस चिन्ता से भी अपने को जोड़ना चाहिए जिसमें अपने ही परिवार के 25 हजार से अधिक साथी दो दसक तक की सेवा के बाद नियमितीकरण का संबैधानिक अधिकार पाने के बजाय ठेका कर्मचारी बनने को मजबूर किये जा रहे हैं और उन्हे बैंक प्रबन्धन बाहर का रास्ता दिखाने में लगा है।

राष्ट्रीय महासचिव
NFRRBE


यह भी पढ़े..
3.क्या हैनेशनल पेंशन सिस्टम ??
4.सिर्फ 34 ग्रामीण बैंक ही अब होगें देश में !
Previous
Next Post »