अनुकम्पा नियुक्ति (COMPASSIONATE APPOINTMENT) लागु करने वाला देश का पहला ग्रामीण बैंक (GRAMIN BANK) बना SARVA UP GRAMIN BANK


अनुकम्पा नियुक्ति लागु करने वाला देश का पहला ग्रामीण बैंक(GRAMIN BANK) बना सर्व यूपी ग्रामीण बैंक
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लम्बे इन्तजार और तमाम परेशानियों के बाद आखिरकार ग्रामीण बैंक(GRAMIN BANK) के कर्मियों को भी अनुकम्पा के तहत नौकरी मिलने की शुरुआत हो गयी है. नाबार्ड द्वारा इस सम्बन्ध में जनवरी में सर्कुलर किया जा चुका है. अब नाबार्ड के उसी सर्कुलर के आधार पर बैंको ने अनुकम्पा नियुक्ति की पॉलिसी बनानी शुरू कर दी है. SARVA UP GRAMIN BANK देश का पहला ऐसा ग्रामीण बैंक(GRAMIN BANK) गया है. जिसने सबसे पहले अनुकम्पा नियुक्ति बहाल की है. दिनाँक 14 फरवरी 2019 को SARVA UP GRAMIN BANK ने इससे जुड़ा सर्कुलर जारी कर दिया है. ग्रामीण बैंको में भी अनुकम्पा नियुक्ति राष्ट्रीयकृत  बैंको के समान ही लागू होगी।
लम्बे समय से अधर में लटकी थी अनुकम्पा नियुक्ति
ग्रामीण बैंको में लम्बे समय से अनुकम्पा नियुक्ति अधर में लटकी हुई थी. देशभर के ग्रामीण बैंकों में हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद अनुकंपा नियुक्ति (COMPASSIONATE APPOINTMENT) लागु ना करने के लिए हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। हाल ही में, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए बैंकिंग सचिव को कड़ी फटकार लगाते हुए, उनसे पूछा था। क्यों ना कोर्ट के आदेशों अवमानना का दोषी मानते हुए आप के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुए आपको दंडित किया जाए।
इसी के बाद लम्बे समय से अनुकंपा नियुक्ति (COMPASSIONATE APPOINTMENT) लटकाने वाले सरकारी अधिकारियों की आँखे खुली थी। हाई कोर्ट द्वारा जेल भेजने की धमकी ने बैंकिंग सचिव को ग्रामीण बैंको में भी तत्काल ग्रामीण बैंको में भी अनुकंपा नियुक्ति (COMPASSIONATE APPOINTMENT) बहाल करने को मजबूर  कर दिया।
कौन कौन होगा पात्र
कोई भी परिवार का सदस्य जो कार्मिक का डिपेंडेंट होगा। कार्मिक की मृत्यु पर अनुंकपा के आधार पर नियुक्ति पाने के लिए पात्र होगा। कार्मिक का पति या पत्नी के अलाबा कार्मिक का पुत्र या पुत्री भी कार्मिक की मृत्यु होने पर अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति का दावेदार होगा। इसके अलाबा क़ानूनी प्रक्रिया के द्वारा गोद लिए गए बच्चे भी इसके दायरें में होंगे। गैर शादीशुदा कार्मिक के केस में डिपेंडेंट भाई और बहन भी इस आधार पर नौकरी के दावेदार होंगे।
इसके अलाबा 55 साल से पहले मेडिकल ग्राउंड पर रिटायरमेंट लेने वाले कार्मिको के बच्चे भी अनुकम्पा के तहत नियुक्ति के हक़दार होंगे।
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Age limit
अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति का दावा करने वाले डिपेंडेंट की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए। हालाँकि upper limit में राहत दी जायेगी।
कितने समय में करना होगा दावा
डिपेंडेंट को कार्मिक की मृत्यु के 5 साल के अंदर अनुकम्पा के तहत नियुक्ति का दावा करना होगा।
5 साल के बाद भी बैंक को होगा नियुक्ति का अधिकार
अभी जो अनुकम्पा नियुक्ति लागू की गयी है, वो 2014 के बाद के केस के लिए लागू होगी। लेकिन बैंक को इससे पहले के केस सुनने और नियक्ति देने का अधिकार होगा। ऐसे मामलो में बैंक फैसला लेने का हक़दार होगा।
मिसिंग एम्पलॉय के केस में
अगर कोई कार्मिक लगातार दो साल तक गायब रहता है. और डेपेंडेट द्वारा इस सम्बंद में FIR दर्ज कराई गयी हो. तो कार्मिक का डिपेंडेंट अनुकम्पा के तहत नियुक्ति के लिए हक़दार होगा। हालाँकि ऐसे मामले जिनमे कार्मिक के रिटायरमेंट का समय दो साल से कम होगा। अनुकम्पा के तहत नियुक्ति का हक़दार नहीं होगा। इसका निर्णय बैंक के चैयरमेन द्वारा लिया जाएगा।
आपको  बता दें, बड़ौदा Baroda UP Gramin Bank के कर्मचारी मनमोहन प्रसाद की मृत्यु 12 अगस्त 2014 को हो गई थी. मनमोहन प्रसाद के पुत्र जितेंद्र कुमार ने  बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक(GRAMIN BANK) से अपने पिता की जगहग्रामीण बैंको में भी अनुकंपा नियुक्ति (COMPASSIONATE APPOINTMENT)  की मांग की थी।
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लेकिन ग्रामीण बैंकों में ऐसी कोई व्यवस्था ना होने के कारण, बैंक ने जितेंद्र कुमार को नौकरी देने से इनकार कर दिया था. इस पर जितेंद्र ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ ब्रांच में, बैंक तथा भारत सरकार को पार्टी बनाते हुए केस दायर किया था। जिस पर सुनवाई करते हुए लखनऊ हाई कोर्ट ने भारत सरकार को आदेश दिया था. कि तत्काल प्रभाव से 3 महीने के भीतर ग्रामीण बैंकों में भी अनुकंपा नियुक्ति (COMPASSIONATE APPOINTMENT) लागू की जाए तथा जितेंद्र को उनके पिता की जगह नौकरी दी जाए।
राष्ट्रीय कृत बैंकों में है 2014 से अनुकंपा नियुक्ति (COMPASSIONATE APPOINTMENT) का प्रावधान
आपको बता दें राष्ट्रीय कृत बैंकों में 2014 से ही अनुकंपा नियुक्ति (COMPASSIONATE APPOINTMENT) का प्रावधान है. इसके बावजूद अब तक ग्रामीण बैंकों में अनुकंपा नियुक्ति (COMPASSIONATE APPOINTMENT) लागू नहीं हो पाई है. यह भारत सरकार का ग्रामीण बैंकों के साथ सौतेला व्यवहार का सबसे बड़ा उदाहरण है. ग्रामीण बैंकों में अनुकंपा नियुक्ति (COMPASSIONATE APPOINTMENT) ना होने की वजह से, हजारों परिवार रोजी रोटी के लिए भटक रहे हैं।
कोर्ट के आदेश के की भी अनदेखी..
कोर्ट ने 31 मई 2018 को ही भारत सरकार के वित्त सचिव को 3 महीने के भीतर ग्रामीण बैंकों में अनुकंपा नियुक्ति (COMPASSIONATE APPOINTMENT) लागू करने का आदेश दिया था. लेकिन 6 महीने बाद भी वित्त सचिव ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. प्रार्थी जितेंद्र ने वित्त सचिव को एक रिमाइंडर लेटर भी भेजा. जिसका उन्हें कोई जवाब नहीं मिला.

लंबे इंतजार के बाद जितेंद्र को मजबूरन दोबारा कोर्ट की शरण में जाना पड़ा। इस पर हाईकोर्ट ने वित्त सचिव की फटकार लगाते हुए, उनसे पूछा था. क्यों ना आपको जानबूझकर कोर्ट के आदेश की अवमानना का दोषी मानते हुए. आप के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.





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1 comments:

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Unknown
admin
April 21, 2019 at 8:11 AM ×

It is a good decision of compensation job of bank employee Thanks to Indiagovernment.A lot of thanks to P.M Modisir and finance Minister Arun jaetily sir

Congrats bro Unknown you got PERTAMAX...! hehehehe...
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