सिंगल विंडो ऑपरेटर और Key-Allowence पर आर-पार की लड़ाई लड़ेगी अरेबिया, करेगी हड़ताल


सिंगल विंडो ऑपरेटर और Key-Allowence पर आर-पार की लड़ाई लड़ेगी अरेबिया, करेगी हड़ताल




लम्बे समय तक यूनियन द्वारा प्रबंधन से माँग किये जाने के बाबजूद BOB प्रायोजित ग्रामीण बैंको में कैशियर्स को मिलने वाले स्पेशल पे (SWO एंड KEY ALLOWENCE ) का भुकतान अब तक शुरू नहीं हो पाया है. जब भी प्रबंधन से इस सम्बन्ध में वार्ता की गयी. प्रबंधन द्वारा हर बार इसको लेकर ठोस आश्वासन दिए गए. लेकिन तमाम आश्वासनों के बाबजूद आज भी बैंक ऑफ़ बड़ौदा प्रायोजित ग्रामीण बैंको में अब तक कैशियर्स को मिलने वाले स्पेशल पे (SWO एंड KEY ALLOWENCE) का भुकतान अब तक शुरू नहीं हुआ है. जिसके बाद यूनियन ने इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई लड़ने का मूड बना लिया है. तथा दिनाँक 30 जून 2019 को इस सम्बन्ध में RRB CELL बैंक ऑफ़ बड़ौदा तथा बैंक ऑफ़ बड़ौदा प्रायोजित तीनों बैंको को इस सम्बन्ध में अवगत भी करा दिया गया है। इसी सम्बन्ध में JOINT FORUM OF BOB SPONSORED RRBs UNIONS के कन्वेनर शिव करण द्विवेदी ने अपने बैंक के सदस्यों के नाम एक सर्कुलर जारी किया है. जिसमे आंदोलन की सम्पूर्ण रूप रेखा बताई गयी है. आप सभी से अनुरोध है इस बार लड़ाई में भाग लेकर लम्बे समय से लंबित अपने हक़ों के लिए अपनी आवाज बुलंद करें।



आन्दोलनात्मक कार्यक्रम का विवरण:

1. महाप्रबन्धक बैंक आफ बड़ौदा आर0आर0बी0सेल को सम्बोधित ज्ञापन क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से प्रेषण -दिनांक 20 जुलाई से 31 जुलाई 2019 के बीच किसी भी कार्यदिवस की समाप्ति पर।

2. प्रधान कार्यालयों पर एक दिवसीय धरना व विरोध प्रर्दशन- दिनांक 21 अगस्त 2019

3. बैंक आफ प्रधान कार्यालय बड़ौदा के समक्ष अनिश्चित कालीन उपवास - दिनांक 16 सितम्बर 2019 से प्रारम्भ

4. एक दिवसीय बैंक व्यापी हड़ताल - दिनांक 30 सितम्बर 2019 यूनिटों द्वारा अपेक्षित कार्यवाही



मुख्यता स्पेशल पे (SWO एंड KEY ALLOWENCE ) पर होने वाले इस आंदोलन में कुछ अन्य माँगो को भी शामिल किया है, जो इस प्रकार हैं.



1. नोटबंदी

नोटबंदी के दौरान बैंक आफ बड़ौदा की भांति ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों को भी को देर शाम तक लगभग 45 दिनों तक लगातार काम करना पड़ा था। लेकिन जहाँ बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने अपने कर्मचरियों को 1500 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से भुकतान किया, वहीं ग्रामीण बैंको में नोटबंदी की पेमेंट में नाम पर ग्रामीण बैंको के कर्मचारियों को 100 और 200 रूपये देकर जलील करने का काम किया गया. अतः दिनाकं 26 जून को दिल्ली में सम्पन्न ज्वाइण्ट फारेम की उच्च पदस्थ पदाधिकारियो की बैठक ने निर्णय लिया है कि अपनी प्रमुख मांगों में बैंक ऑफ़ बड़ौदा की भाँति नोटबंदी की पेमेंट सुनिश्चित की जाए.



2. सभी अंशकालिक सफाई कर्मचारी सह संदेशवाहकों को एक तिहाई वेतन पर समायोजित किया जाना।

3. नाबार्ड के पत्र दिनांक 23 जुलाई 2015 तथा दिनांक 20 जून 2019 के क्रम में सभी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियो को न्यूनतम वेतन प्रदान प्रदान करते हुए संदेशवाहक के रिक्त पदो पर नयी भर्ती कर समायोजित करना।

4. प्रायोजक बैंक अधिकारियों की ग्रामीण बैंको में प्रतिनियिुिक्त का विरोध

5. प्रायोजक बैंक  के समतुल्य नोटबन्दी की अवधि का भुगतान

6. प्रायाजेक बैंक के समान स्टाफ ऋण, ब्याज दरें तथा पात्रता का निधार्रण

7. इण्डिया फस्र्ट बीमा कम्पनी के उत्पाद की बिक्री के लिए ग्रामीण बैंकों, क्षेत्रीय प्रबन्धकों तथा शाखा प्रबंधको पर अनुचित दबाव न डाला जाना।

8. प्रायोजक बैंक समान पदोन्नति व्यवस्था







उपरोक्त सर्कुलर में यूनियन के द्वारा अपने क्षेत्रीय प्रमुखों को कुछ दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं. जोकि निम्न हैं.

1. बैंक अध्यक्ष को आन्दोलन की सूचना अपने लेटर हेड पर ज्वाइण्ट फोरम की नोटिस को संलग्न करते हुए पत्र प्रेषित करे।

2. सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को क्षेत्रीय प्रबन्धकों को ज्ञापन देने के लिए तिथि व समय का निर्धारण कर क्षेत्रीय स्तर पर ज्ञापन दिया जाना सुनिश्चित कराये।

3. दिनांक 21 अगस्त 2019 को प्रधान कार्यालय पर आयोजित किये जाने वाले धरने का व्यापक स्तर पर सदस्यों तथा  स्थानीय मीडिया में प्रचार करे। धरने मे अपनी बैंक के सफाई कर्मचारियों  तथा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित करें।

4. दिनांक 16 सितम्बर 2019 से बैंक आफ बड़ौदा के बड़ौंदा स्थित प्रधान कार्यालय पर प्रस्तावित अनिश्चितकालीन उपवास कार्यक्रम के लिए प्रत्येक रीजन से कम से कम दो सदस्यों का  भाग लेना अनिवार्य है। इसलिए समय से यात्रा का रिर्जवेशन कराया जाना अनिवार्य ह। बड़ौदा के लिए सीमित मात्रा में ही ट्रेनें उपलब्ध हैं अतः अभी से रिजर्वेशन कराना होगा।
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